हरदा। शहर के बाहरी इलाके बैरागढ़ में स्थित पटाखा कारखाने में मंगलवार को विस्फोट और भयानक आग लगने की घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 200 से अधिक लोगों के घायल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कारखाने में विस्फोट के बाद मौके पर कई शव पड़े हुए हैं, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी भी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य चल रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदा पहुंचकर हरदा हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की और वहां से इस मामले के संबंध में गड़बड़ियां भी गिनाई हैं।
जीतू पटवारी ने कहा हरदा हादसे को लेकर शासन प्रशासन के आँकड़ों और ब्लॉस्ट का शिकार हुए लोगों के परिजनों की जानकारी में ज़मीन आसमान का अंतर है। लेकिन सरकार सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर कार्यवाही के बजाएँ इस खौफनाक मंजर में भी लापरवाही बरत रही है।
एमपी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को टैग करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने बोला है कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जो याद रहे, किसी को नहीं छोड़ेंगे। सीएम मोहन यादव जी आपकी सुविधा के लिए पब्लिक डोमेन में आई कुछ गड़बड़ियां साझा कर रहा हूं। उम्मीद करता हूं कि “निष्पक्ष” जांच में इन्हें भी पूरी ईमानदारी से, एक बार फिर शामिल किया जाएगा. जीतू पटवारी ने लिखा है कि-
- पटाखा निर्माण परिसर के स्वीकृत नक्शे या ड्राइंग की जानकारी से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य रूप से मौके पर होने चाहिए थे।
- सच्चाई : जांच टीम ने पाया कि परिसर के स्वीकृत नक्शे और ड्राइंग नहीं थी।
- शर्तों के अनुसार आतिशबाजी बारूद का विनिर्माण एक मंजिल भवन के भीतर किया जाना चाहिए और भवन के सभी दरवाजे बाहर की ओर खुलने चाहिए थे।
- सच्चाई : जांच टीम ने पाया कि दो मंजिला भवन निर्मित था. बिल्डिंग में प्रथम तल पर पटाखा निर्माण और उसी भवन में पटाखे और उसका सामान रखा पाया गया।
- शर्त ये है कि विस्फोटक ऐसे एक मंजिला हल्के सन्निर्मित कमरे में बनाए जाएंगे जो केवल ऐसे विनिर्माण के प्रयोजन के लिए रखे गए हैं और जो भंडारण स्थान से 45 मीटर की दूर पर हो।
- सच्चाई : जांच टीम ने पाया पटाखा निर्माण परिसर में मैन्युफैक्चरिंग संबंधित व्यवस्थाएं, कमरे की व्यवस्था और स्टोरेज एक ही बिल्डिंग में हो रहा था।
- एक समय में संपूर्ण कारखाने में विस्फोटकों की अधिकतम मात्रा एलई-1 में उल्लेखित से अधिक नहीं होगी।
- सच्चाई : जांच टीम ने पाया कि मौके पर करीब 7 लाख 35000 नग सुतली बम, अन्य प्रकार के पटाखे पाए गए। यह 15 किलोग्राम की तय मात्रा से कई गुना अधिक मैन्युफैक्चरिंग कर तैयार किए जा रहे थे।
- कम से कम 15 सेमी से अधिक गहरी सीमेंट की ट्रोजिमा या ट्रफ को या भंडारघर के प्रत्येक प्रवेश में लगाया जाएगा. ऐसे ट्रोजिमा में स्वच्छ जल भरा जाएगा। कोई व्यक्ति ऐसी ट्रोजिमा में बगैर पैर डुबोए प्रवेश नहीं करेगा।
जीतू पटवारी ने कहा कि हरदा में खौफनाक मंजर के बाद शासन-प्रशासन के इस रवैये से मन आहत है। उनकी यह उदासीनता शर्मनाक है। पटवारी ने कहा- आज हरदा पहुँचकर शासकीय अस्पताल में उपचाररत लोगों से उनकी कुशलक्षेमी जानी। सभी परिवारजनों की वेदना असहनीय है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि सभी को स्वास्थ लाभ प्रदान करें।
जीतू पटवारी ने बुधवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट पर सीएम मोहन यादव को टैग करते हुए लिखा है कि हरदा-हादसे के बाद शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य मौत के नए आंकड़ों को सामने ला रहा है। आपसे अनुरोध है, पीड़ित और प्रभावितों को अब ऐसी राहत मिले, जो मिसाल के रूप में लंबे समय तक याद रखी जाए। बेकसूरों के साथ फिलहाल यही इंसाफ किया जा सकता है।





