नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा में मिली हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार हार के कारणों की जांच के लिए बैठकें कर रही है और आगामी चुनावों के लिए संगठन की मजबूती पर जोर दे रही है। इसी क्रम में, पार्टी ने फंड जुटाने का अभियान शुरू किया है। इसके लिए कांग्रेस ने ब्लॉक अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से 100-100 रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों से मेलजोल बढ़ाएं और बैठकें आयोजित करें।
संभागीय बैठकों में पार्टी ने अपने ब्लॉक और जिला अध्यक्षों को फंड जुटाने के निर्देश दिए हैं। कार्यकर्ताओं से 100-100 रुपए जमा कराने का आग्रह किया गया है, ताकि संगठन को मजबूती दी जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि संगठन को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करें, जिनमें आम लोगों की भागीदारी हो। लोगों से मेलजोल बढ़ाने और घर-घर तक पहुंचने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी को लेकर भी चर्चा हुई है, और अब कार्यकारिणी छोटी लेकिन काम करने वाले लोगों को जगह देने पर जोर रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होशंगाबाद संभाग के जिला अध्यक्षों, जिलाप्रभारियों-सहप्रभारियों, ब्लॉक अध्यक्षों और उपब्लॉक अध्यक्षों के साथ संयुक्त बैठक की। इसके बाद, संगठन की मजबूती पर विचार-विमर्श करने के लिए जिलेवार बैठकें आयोजित कीं। पटवारी ने होशंगाबाद संभाग के जिला अध्यक्षों से पूछा कि संगठन स्तर पर पार्टी में और अधिक मजबूती लाने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दमनकारी रवैये से हर वर्ग निराश है। युवाओं, महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
पटवारी ने कहा कि विगत लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हमें जीत नहीं मिली जिससे हम सभी को निराशा है, लेकिन हमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। हम विपक्ष की भूमिका को पूरी ताकत और प्रभावी तरीके से निभाएंगे। भाजपा सरकार अंग्रेजों जैसा व्यवहार प्रदेश के हर वर्ग की जनता के साथ कर रही है, और 20 साल से सत्ता में होने के कारण भाजपा के हौसले बुलंद हैं, आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। बढ़ते अत्याचार और दुराचार का विरोध करने और सरकार के इस रवैये का जिला और ब्लॉक स्तर पर सड़कों पर उतरकर विरोध करने का आह्वान किया गया है।





