नई दिल्ली। बलौदाबाजार आगजनी हिंसा कांड में आरोपित कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री आमने- सामने हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश से इंकार किया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए सरकार को चेताया है कि कराया जवाब मिलेगा। कांग्रेस ने 20 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर रणनीति बनाई जाएगी और 21 अगस्त को गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश स्तरीय जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
बलौदाबाजार में हुए प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने सरकारी कार्यालय और 150 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इससे पहले मई में गिरौदपुरी धाम में सतनामी समाज के पवित्र प्रतीक ”जैतखाम” को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा तोड़ दिया गया था, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन हुआ था। इस मामले में अब तक 178 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज समेत विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। इस बीच मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई राजनीतिक षड्यंत्र नहीं है। पुलिस ने सोच समझकर कार्रवाई की है। विधायक देवेंद्र यादव छोटा-मोटा आदमी नहीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर चेताते हुए लिखा कि अगर प्रदेश के मुखिया को यह लगता है कि एक युवा विधायक को गिरफ्तार करके अपने आठ महीने के कलंकित कार्यकाल को ढंक लेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। सतनामी समाज के साथ हुए अन्याय को एक और अन्याय करके आप समाज को धोखा दे रहे हैं। पूरा प्रदेश, हम सब देवेंद्र यादव और सतनामी समाज के साथ खड़े हैं। करारा जवाब मिलेगा… मुख्यमंत्री जी, छत्तीसगढ़, नागपुर और गुजरात से नहीं, यहीं से चलेगा।





