नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 99वें स्थापना दिवस के अवसर पर संघ के सभी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आरएसएस देश की सेवा के लिए समर्पित है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने संगठन के सौवें वर्ष में प्रवेश करने पर अपने स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस की सराहना करते हुए कहा कि मां भारती’ के प्रति इसका संकल्प और समर्पण हर पीढ़ी को प्रेरित करता है और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होने आगे कहा कि 1925 में गठित आरएसएस को भाजपा का वैचारिक संरक्षक माना जाता है और इसके स्वयंसेवकों ने दशकों से इसके संगठनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरएसएस के पदाधिकारी हमेशा भाजपा की राष्ट्रीय और राज्य इकाइयों में महासचिव (संगठन) के पद पर रहते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पार्टी संगठन वैचारिक सामंजस्य और अनुशासन के साथ काम करे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) आज अपना 99वां स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सभी आरएसएस के सदस्यों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही यह संगठन भारतीय संस्कृति की रक्षा करने और युवाओं में देशभक्ति के विचारों को विकसित करने का उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफर्म एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर इसके सभी स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह संगठन अनुशासन और देशभक्ति का अनूठा प्रतीक है। आरएसएस की स्थापना के बाद से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा करने और युवाओं को संगठित करने तथा उनमें देशभक्ति के विचारों को विकसित करने का उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस समाज सेवा के कार्यों को तेज करके और अपने शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से देश के कल्याण के लिए समर्पित देशभक्तों का निर्माण करके हर वर्ग को सशक्त बना रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे देशवासियों को विजयादशमी की भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक संदेश में कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। विजयादशमी का यह पर्व सभी को अपने भीतर की बुराइयों को खत्म करने और धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। विजयादशमी दुर्गा पूजा के समापन का प्रतीक है और राक्षस राजा रावण पर भगवान राम की जीत का प्रतीक है। भगवान श्री राम सभी का कल्याण करें। जय श्री राम।





