नई दिल्ली। राहुल ने कहा कि पहली बार देश के प्रधानमंत्री हिंसा के बलबूते चुनाव लड़ रहे थे। उप्र की जनता ने हिंसा और अहंकार के खिलाफ दबाकर वोट किया। सबसे पहले कांग्रेस पार्टी के नेता एमएल और एमपी कांग्रेस के कार्यकर्ता अहंकार के शिकार नहीं होंगे। हमारा पारिवारिक रिश्ता है ।
राजनीति में सबसे पुराना हमारा और रायबरेली का रिश्ता है। जब किसान आंदोलन में नेहरू जी आए। पूरे देश की राजनीति रायबरेली और अमेठी ने बदल दी है। पहले पीएम कहते थे कि मैं काम नहीं करता भगवान काम करवाते हैं। पता नहीं उनके भगवान कैसे काम उनसे करवाते हैं। अडानी व अंबानी हिंदुस्तान की जनता नया विजन चाहती है।
उत्तर प्रदेश ने मैसेज दिया है कि इंडिया गठबंधन चाहिए। सबसे पहले हमें यही काम करना है कि नफरत की दुकान में मोहब्बत की दुकान खोलनी है। सबसे बड़ी बात है कि ये अयोध्या हार गए। इन्हें जवाब ने भी जवाब दिया है।
राहुल ने कहा कि अगर प्रियंका वाराणसी से लड़ गई होती तो यह वाराणसी से पीएम के खिलाफ दो से तीन लाख वोटों से जीत जाती। हिंस्दुस्तान के प्रधानमंत्री ने सिर्फ नफरत की दुकान फैलाई। आने वाले समय में बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा उठाया जाएगा। अब हमारे पास संसद में सेना बैठी हुई है। हम विपक्ष में रहकर अग्निवीर को उठाएंगे। राहुल ने कहा मैं वायदा करता हूं कि जो रायबरेली में होगा वही अमेठी में भी होगा।





