नई दिल्ली। लोकसभा सत्र के दौरान कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अभिभाषण का कुछ अंश लोकसभा अध्यक्ष द्वारा हटा दिया गया। इससे नाराज राहुल ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी की दुनिया में सत्य मिटाया जा सकाता है, लेकिन हकीकत में नहीं।
18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र शुरू हो गया है। सोमवार को राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने बात रखी। यह दस साल में पहली बार था कि नेता प्रतिपक्ष ने इस अंदाज में संसद में अपनी बात रखी। राहुल गांधी के अभिभाषण के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं ने आपत्ति भी दर्ज कराई। उनके अभिभाषण के बाद गृहमंत्री ने तथ्यों की जांच कराने का आग्रह भी किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा नेताओं, भाजपा योजनाओं को निशाने पर रखा। अग्निवीर जैसी योजनाओं का राहुल गांधी ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। वहीं सत्तारूढ भाजपा पर सांप्रदायिक आधार पर जनता को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ भेदभाव, परीक्षाओं में अनियमितताओं, महंगाई समेत कई मुद्दों को उन्होंने अपने अभिभाषण में शामिल किया।
राहुल गांधी की एक टिप्प्णी पर सत्ता पक्ष में भारी विरोध भी हुआ। हालांकि बाद में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उनके अभिभाषण के कुछ हिस्से हटा दिए गए। इस बात पर राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि “मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने कह दिया है और यही सत्य है। वे जितना चाहें उतना मिटा सकते हैं, लेकिन सत्य की जीत होगी।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया में सत्य को मिटाया जा सकता है, लेकिन हकीकत में नहीं। यह बात लोकसभा में उनके भाषण के महत्वपूर्ण हिस्सों को अध्यक्ष द्वारा हटाए जाने के कुछ घंटों बाद कही।





