नई दिल्ली। रेल सुरक्षा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, देशभर में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के इंस्टॉलेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा पटरियों और सिग्नलों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। हाल ही में एक के बाद एक कई रेल दुर्घटनाओं के सामने आने के बाद विपक्ष ने रेल सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी।
पत्रकारों से बात करते हुए रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि, अल्ट्रासाउंड जांच से लेकर कोहरे से सुरक्षा देनें वाले उपकरणों को रेल नेटवर्क पर स्थापित किया जा रहा है। पूरे नेटवर्क में नई प्रौद्योगिकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं कवच प्रणाली के लिए ड्राइवरों और अन्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन
रेल मंत्री ने कहा कि, सरकार अगले कुछ सालों में एक लाख किलोमीटर से अधिक के पूरे नेटवर्क पर कवच लगाने और 7,000 से अधिक स्टेशनों को इसके तहत कवर करने का लक्ष्य बना रही है। वैष्णव ने कहा कि 10,000 इंजनों और 9,600 किलोमीटर की ट्रैक लंबाई पर ‘कवच’ फिट करने के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। इसके अलावा रेलकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूरसंचार संस्थान में पाठ्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
वैष्णव ने रेलवे द्वारा अपनाए जा रहे विभिन्न सुरक्षा उपायों के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि, पूरे रेल नेटवर्क पर अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए जा रहे हैं। अप्रैल तक 1,86,000 (1.86 लाख) किलोमीटर ट्रैक और 11.66 लाख वेल्ड का अल्ट्रासाउंड मशीनों से परीक्षण किया जा चुका है। नई अल्ट्रासाउंड मशीनें भी शुरू की गई हैं, बड़ी संख्या में रेलवे पुलों का जीर्णोद्धार किया गया है और सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं। वैष्णव ने आगे कहा कि 5,300 कोहरे सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं और अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा ट्रैक फिटिंग की गुणवत्ता की जांच की गई है।। इसके अलावा ट्रैकमैन के कठिनाई और जोखिम भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।





