नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि भगवान राम सबके हैं। भाजपा कितनी भी कोशिश कर लें, भगवान राम या धर्म पर उसका एकाधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनावों को भावनात्मक मुद्दों के बजाय जनता के मुद्दों पर लड़ेगा। उत्तर भारत में राम मंदिर की लहर और इस पर इंडिया गठबंधन की रणनीति को लेकर पायलट ने कहा कि मुझे लगता है कि यह चुनाव मुद्दों पर लड़ा जाएगा, जो हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए प्रासंगिकता रखते हैं। संवैधानिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो एक बड़ा मुद्दा है। हम चाहते हैं कि युवाओं, महिलाओं, किसानों की समस्याओं को सामने लाया जाए। हम एमएसपी की लीगल गारंटी देना चाहते हैं। एक सामान्य वोटर को इन बातों से फर्क पड़ता है। मुझे नहीं लगता कि भारतीय वोटरों को धर्म, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के मुद्दों से कोई फर्क पड़ेगा। चुनाव आर्थिक नीति, रोजगार सृजन, महंगाई कम करने और हमारे किसानों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतिम फैसला सुनाया जो सबको मान्य था। इसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। अब सच यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि क्या होना चाहिए। कांग्रेस में हमने इस फैसले का स्वागत किया, जैसा सबने किया। इसने सभी विवादों और दावों को खत्म कर दिया। इस वजह से मंदिर का निर्माण किसी पार्टी या सरकार की वजह से नहीं हुआ। यह तो कोर्ट के अंतिम फैसले की वजह से हुआ है। यह सबको मंजूर भी था। कांग्रेस नेता ने कहा कि “हम सभी ने मंदिर के निर्माण का स्वागत किया, कोई इसके खिलाफ कैसे हो सकता है? लेकिन उस प्लेटफॉर्म, जजमेंट और मंदिर निर्माण का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करना और भावनात्मक मुद्दे के आधार पर लाभ उठाना सही नहीं है क्योंकि सरकार और धर्म दो अलग-अलग बातें हैं।”
कांग्रेस महासचिव पायलट ने भरोसा जताया कि विपक्षी पार्टियों के इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) को अगली सरकार बनाने के लिए बहुमत मिल जाएगा। एक इंटरव्यू में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि एनडीए का 400 पार के नारे से अहंकार की बू आती है। उन्होंने कहा कि “भाजपा के लिए सत्ता में तीसरी बार आने पर पहले 100 दिन के कामों का ब्लूप्रिंट देना आसान है, लेकिन उन्हें पिछले 10 साल के कामकाज पर भी रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए।” उन्होंने निर्वाचन आयोग से भी अपील की कि चुनावों में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करें।
आयकर विभाग ने कांग्रेस को नोटिस भेजे हैं और 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की मांग की है। उन्होंने कहा कि “सरकार की ओर से प्रमुख विपक्षी दल के खातों को फ्रीज करने की ‘जबरन कार्रवाई’ अभूतपूर्व है। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। यह जो भी हो रहा है, उसके बाद भी मेरा भरोसा वोटरों पर है। कांग्रेस वोटरों के मुद्दों को सामने ला रही है। चार जून को जब नतीजे आएंगे तब इंडिया गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने की पुष्टि हो जाएगी।
राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री पायलट ने दावा किया कि रेगिस्तान वाले राज्य में भाजपा बैकफुट पर है। कांग्रेस इस बार बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। हालांकि, यह बात अलग है कि पिछले दो लोकसभा चुनावों में राज्य की 25 में से एक भी सीट पर कांग्रेस को जीत नहीं मिली है।





