नई दिल्ली। मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुदा) मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सीएम पर केस चलाने की मंजूरी दे दी है। इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा और जेडीएस ने मेरे खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का सहारा लिया है क्योंकि मैं गरीब समर्थक हूं और सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहा हूं। इस राजनीतिक संघर्ष में प्रदेश की जनता मेरे साथ खड़ी है।
बता दें कि, हाईकोर्ट ने 12 सितंबर को मामले की सुनवाई को पूरा कर अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। इस याचिका में सिद्धारमैया ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामले में उनके खिलाफ राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा जांच के लिए दी गई मंजूरी को चुनौती दी थी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैं जांच करने में संकोच नहीं करूंगा। मैं विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करूंगा कि कानून के तहत इस तरह की जांच की अनुमति है या नहीं। मैं कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा करूंगा और लड़ाई की रूपरेखा तय करूंगा। मुझे विश्वास है कि अगले कुछ दिनों में सच्चाई सामने आ जाएगी और 17ए के तहत जांच रद्द कर दी जाएगी।’
उन्होंने कहा, ‘इस राजनीतिक संघर्ष में प्रदेश की जनता मेरे साथ खड़ी है। उनका आशीर्वाद मेरी सुरक्षा है। मैं कानून और संविधान में विश्वास करता हूं। इस लड़ाई में आखिरकार सत्य की जीत होगी। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की बदले की राजनीति के खिलाफ लड़ाई है। भाजपा और जेडीएस की इस बदले की राजनीति के खिलाफ हमारा न्यायिक संघर्ष जारी रहेगा। मुझे अदालत पर भरोसा है।’





