नई दिल्ली। कांग्रेस ने अदाणी मामले में कहा कि घोटाले की जांच का नियंत्रण सुप्रीम कोर्ट के पास होना चाहिए और इस मामले में जेपीसी का भी गठन हो। कांग्रेस ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनमें दावा किया गया है कि स्विस अधिकारियों ने अदाणी के एक कथित प्रतिनिधि की 311 मिलियन अमेरिकी डॉलर (2,610 करोड़ रुपये) की राशि जब्त कर ली है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज सुबह की खबरों से पता चला है कि स्विस लोक अभियोजक कार्यालय ने 311 मिलियन अमेरिकी डॉलर वाले पांच खातों को फ्रीज कर दिया है, जो लंबे समय से अदाणी के विश्वासपात्र चांग चुंग-लिंग के हैं। यह कार्रवाई 28 दिसंबर, 2021 को स्विट्जरलैंड के मनी लॉन्ड्रिंग रिपोर्टिंग ऑफिस की तरफ से शुरू की गई जांच के बाद की गई है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
अमेरिका में मौजूद शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में स्विस मीडिया आउटलेट की तरफ से रिपोर्ट और नए जारी किए गए स्विस आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि स्विस अधिकारियों ने अदाणी में मनी लॉन्ड्रिंग और प्रतिभूति जालसाजी की जांच के तहत कई स्विस बैंक खातों में 310 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि फ्रीज कर दी है।
रिपोर्ट का हवाला देते हुए हिंडनबर्ग ने कहा, अभियोक्ताओं ने विस्तृत रूप से बताया कि कैसे अदाणी के एक फ्रंटमैन ने अपारदर्शी बीवीआई/मॉरीशस और बरमूडा फंड में निवेश किया, जिसके पास लगभग विशेष रूप से अदाणी के शेयर थे। हालांकि अदाणी समूह ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि स्विस अदालत की किसी भी कार्यवाही में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है।
मामले में अदाणी समूह ने कहा, हम सभी निराधार आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं और उनका खंडन करते हैं। अदाणी समूह का स्विस अदालत की किसी भी कार्यवाही में कोई संलिप्तता नहीं है और न ही हमारी कंपनी के किसी भी खाते को किसी प्राधिकरण की तरफ से जब्त किया गया है। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि स्विस अदालत ने कथित तौर पर पाया कि चांग और उनके सहयोगी बाजार में हेरफेर में शामिल थे, ऐसा कुछ जिसका आरोप अदाणी समूह पर कई वर्षों से लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्विस जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि ये खाते जालसाजी, क्रेडिट धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं।





