db News Network

Home » संसद सुरक्षा में चूक, भारतीय युवा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन

संसद सुरक्षा में चूक, भारतीय युवा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन

0 comments 68 views 2 minutes read

संसद में घुसपैठ का मामला बहुत गंभीर, पर केंद्र सरकार के बर्ताव को देख लग रहा है कि उन्हें इस घटना से कोई लेना देना ही नहीं है : श्रीनिवास बी वी

श्रीनिवास बोले – आज संसद की सुरक्षा का सवाल है, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर अपना वक्तव्य देना चाहिए, और इस चूक पर क्या कदम उठाए जाएंगे, यह बताना होगा

नई दिल्ली। भारतीय युवा कांग्रेस ने आज संसद सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि संसद में घुसपैठ का मामला बहुत ही गंभीर है, पर केंद्र सरकार के बर्ताव को देख कर लग रहा है कि उन्हें इस घटना से कोई लेना देना ही नहीं है। आज संसद की सुरक्षा का सवाल है, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर अपना वक्तव्य देना चाहिए, और इस चूक पर क्या कदम उठाए जाएंगे, ये बताना चाहिए।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को ऐसी घटना पर दुख जताना चाहिए था, पर उनका ऐसा एटीट्यूड है कि- जो हो गया, सो हो गया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने यह मांग है कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है देश का हर नागरिक इस चूक का जवाब चाहता है। और इस पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जवाब देना चाहिए।

दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रणविजय सिंह लोचव ने कहा कि जहां एक तरफ टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा अपनी आईडी के पासवर्ड को सांझा करने पर संसद द्वारा उन्हे बर्खास्त कर दिया जाता है वही भाजपा सांसद के पास पर दो लोग सदन के अंदर आते हैं और काफी देर तक भागदौड़ के बाद गैस के गोले छोड़ते हैं, इस पर अभी तक कोई कारवाई क्यों नही हुई है, ये देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, जो गैस के गोले छोड़ सकते हैं, वो जानलेवा बम भी फोड़ सकते हैं। इस पूरे मामले में देश के प्रधानमंत्री और ग्रह मंत्री को अपना जवाब देना चाहिए और जिस भाजपा सांसद के पास पर दो लोग सदन के अंदर आए थे उनको जल्द से जल्द बर्खास्त किया जाना चाहिए।

इस दौरान प्रदर्शन में दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रणविजय सिंह लोचव समेत कई युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह जानकारी भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी वरुण पांडे ने दी

Leave a Comment

चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।