नई दिल्ली। पचोर के कांग्रेस नेता व पूर्व मंडी अध्यक्ष, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पंकज यादव को गुंडा एक्ट के तहत पचोर पुलिस द्वारा नजर बंद कर दिया गया। उन्हें नजरबंद करने को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न चुनाव आयोग, ईवीएम पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही थाने पहुंचकर कुछ समय बैठे व वहां से गुंडा लिस्ट ली।
चुनाव आयोग से उन्होंने लिखित शिकायत भी की है। लोकसभा चुनाव के दौरान पंकज यादव को सुबह 8-9 बजे पचोर पुलिस द्वारा गुंडा एक्ट के तहत धारा 151 में पचोर थाने में बंद कर दिया। जब इस बात की भनक दिग्विजय सिंह को लगी तो वह भोपाल में वोट डालने के बाद सीधे पचोर थाने पहुंचे। थाने पहुंचकर उन्होंने जानकारी ली कि किस अपराध में उन्हें बंद किया है।
पुलिस द्वारा गुंडा लिस्ट में नाम बताया। इस पर दिग्विजय ने लिखित आवेदन दिया और कहा कि पिछले 5 साल से अधिक समय से उन पर कोई ऐसा मुकदमा दर्ज नहीं है। वह यहीं नहीं रुके। पचोर थाने की गुंडा लिस्ट भी ली। उसमें देखा कि किस-किसके नाम हैं। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गुंडा लिस्ट में पचोर थाने में 17 लोगों के नाम हैं, मैंने लिस्ट ली है। जिसमें दो भाजपा के हैं।
एक यशवंत गुर्जर मिटठनपुर व दुर्गा प्रसाद नागर चिड़वानिया मारपीट-बलात्कर का नाम भी गुंडा लिस्ट में है। इनको क्यों गिरफ्तार नहीं किया। सरकार एकतरफा कार्रवाई कर रही है। मैंने शिकायत की है। इसके अलावा जीरापुर पुलिस ने खिलचीपुर के पूर्व जनपद अध्यक्ष जगदीश दांगी व राजगढ़ नपा अध्यक्ष विनोद साहू को भी नजरबंद कर दिया।





