भोपाल की रहने वाली डॉ. गरिमा अग्रवाल, संस्थापक—जीवन ज्योति होम्योपैथिक क्लिनिक, बीएचएमएस, एमडी (होम) और डीएनएचई विशेषज्ञ—ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनके छोटे भाई की अस्थमा की गंभीर समस्या ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। वे कहती हैं कि जब उनका छोटा भाई मात्र चार वर्ष की उम्र में अस्थमा से जूझ रहा था और ऐलोपैथी में राहत नहीं मिल रही थी, तब परिवार ने पहली बार होम्योपैथी अपनाई। केवल कुछ दिनों में स्थिति बेहतर होती चली गई और एक महीने में इनहेलर और पंप पूरी तरह बंद हो गए। इस चमत्कारिक उपचार को देखने के बाद ही उन्होंने ठान लिया कि वे एक श्रेष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करेंगी।
डॉ. गरिमा ने 2009 में इंदौर के प्रतिष्ठित एसकेआर गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और कॉलेज टॉपर रहीं। इसके बाद उन्होंने भोपाल के गवर्नमेंट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से एमडी पूरा किया, जहाँ वे पीडियाट्रिक विभाग में चयनित हुईं। इसके साथ ही उन्होंने न्यूट्रिशन और हेल्थ एजुकेशन में डिप्लोमा, रिसर्च फेलोशिप और स्किन (सोरियासिस) विभाग में शोध कार्य भी किया। वर्तमान में वे इंदौर के आरएन कपूर मेडिकल कॉलेज में असोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उनका मानना है कि होम्योपैथी “समानता से समानता का उपचार” है — जहाँ दवाओं के न्यूनतम डोज दिए जाते हैं और मानसिक व शारीरिक लक्षणों के आधार पर पूरी तरह व्यक्तिगत उपचार किया जाता है। उनके अनुसार, होम्योपैथी श्वास रोग, त्वचा समस्याएँ, जोड़ों के दर्द, पाचन विकार, महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याएँ, बच्चों के विकास से जुड़े मुद्दे और यहाँ तक कि गंभीर बीमारियों के उपचार में भी बेहद कारगर है।
माता बनने के बाद जीवन की ज़िम्मेदारियों और चिकित्सकीय पेशे को संतुलित करना डॉ. गरिमा के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने उत्कृष्ट टाइम मैनेजमेंट से यह साबित किया कि एक महिला चाहे तो हर भूमिका निभा सकती है। वे कहती हैं कि एक सफल डॉक्टर वही है जो सहानुभूतिपूर्ण, धैर्यवान हो, मरीज को ध्यान से सुने और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ खुद को लगातार अपडेट रखे। उनका लक्ष्य है—समाज में होम्योपैथी की जागरूकता बढ़ाना, टियर-2 शहरों में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और लोगों को बिना साइड इफेक्ट्स स्वस्थ जीवन प्रदान करना। उनकी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता उन्हें अगली पीढ़ी की प्रेरणादायी चिकित्सकों में शामिल करती है।





