मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से डायरेक्टर एंड टेक्निकल हेड, एनआईटीडीपी (NITDP) संजय अग्रवाल ने वर्ष 2011 से शुरू हुए अपने प्रशिक्षण सफर को एक मिशन का रूप दिया है। नर्मदापुरम जिले के बाबई (माखननगर) से ताल्लुक रखने वाले संजय अग्रवाल ने युवाओं और उद्योगों के बीच बढ़ते स्किल गैप को समझते हुए एक ऐसा संस्थान खड़ा किया, जहाँ छात्रों को कम लागत में वास्तविक, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग और जॉब-अशोरेन्स दी जा रही है।
संजय अग्रवाल बताते हैं कि भोपाल आने के बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम शुरू किया। कॉर्पोरेट ट्रेनिंग, ऑनलाइन सेशन, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और सीएसआर गतिविधियों के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि कंपनियों के पास वैकेंसी तो हैं, लेकिन “राइट कैंडिडेट” की कमी है। इसी अंतर को भरने के उद्देश्य से उन्होंने 2020 में एनआईटीडीपी की स्थापना की। संस्थान में छात्रों को जॉब-अशोरेन्स के साथ मल्टीपल इंटरव्यू तक ले जाने की व्यवस्था की जाती है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ करियर की शुरुआत कर सकें।
संस्थान में मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल के लिए ऑटोकैड, एस्टिमेशन, कंस्ट्रक्शन से जुड़े कोर्स, वहीं आईटी क्षेत्र में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, वेब डिजाइनिंग, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कंप्यूटर बेसिक्स, एमएस ऑफिस, टैली, सीपीसीटी और डिजिटल मार्केटिंग जैसे 40 से अधिक कोर्स उपलब्ध हैं। भोपाल में दो लोकेशन पर संचालित इस संस्थान की ट्रेनिंग कॉलेज कैंपस, इन-हाउस और ऑनलाइन—तीनों माध्यमों से दी जाती है, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।
संजय अग्रवाल का मानना है कि आज के दौर में केवल एक स्किल पर्याप्त नहीं है। मल्टीपल स्किल्स, लगातार अपग्रेडेशन और मजबूत कम्युनिकेशन स्किल ही सफलता की कुंजी हैं। एआई को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने कहा कि एआई नौकरियाँ खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन लोगों को पीछे छोड़ देगा जो खुद को अपडेट नहीं करेंगे। उनके अनुसार जो युवा नई तकनीकों को सीखने और अपनाने के लिए तैयार हैं, उनके लिए आने वाला समय अपार संभावनाओं से भरा हुआ है।





