मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली एजुकेशनिस्ट और मॉडल निशा प्रेमकुमार शिक्षा और फैशन की दुनिया को एक साथ लेकर चल रही हैं। लंबे समय से निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत निशा ने अपने बचपन के सपनों को फिर से जीवंत करते हुए मॉडलिंग के क्षेत्र में भी कदम रखा और अब दोनों जिम्मेदारियों को संतुलित करते हुए अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
निशा प्रेमकुमार बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही कुछ अलग करने और फैशन की दुनिया से जुड़ने का सपना था, लेकिन उस समय इसके लिए कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिखता था। शिक्षक बनने के बाद भी उनके मन में यह सपना कहीं न कहीं दबा हुआ था। बाद में एक सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिला, जहां से उन्हें मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। इसी के साथ उन्होंने समाजसेवा से जुड़े आयोजनों में भी हिस्सा लिया, जिससे आत्मविश्वास और पहचान दोनों बढ़े।
शिक्षण कार्य के साथ मॉडलिंग करना उनके लिए एक नई चुनौती जरूर रहा, लेकिन परिवार के सहयोग और समय प्रबंधन के कारण उन्होंने दोनों क्षेत्रों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया। निशा कहती हैं कि अब बच्चों के बड़े हो जाने से उन्हें अपने लिए समय निकालना आसान हो गया है। दिन में शिक्षिका की जिम्मेदारी निभाने के बाद वे शाम को शो और इवेंट्स में हिस्सा लेती हैं और इस तरह अपने सपनों को साकार कर रही हैं।
आगे की योजनाओं को लेकर निशा प्रेमकुमार का कहना है कि वे मॉडलिंग के जरिए भारतीय हैंडलूम और पारंपरिक परिधानों को बढ़ावा देना चाहती हैं। उनका उद्देश्य है कि विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को फैशन के माध्यम से मंच तक पहुंचाया जाए। वे भविष्य में ऐसे शो करने की योजना बना रही हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति, हस्तशिल्प और महिलाओं की प्रतिभा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा सके।





