मध्य प्रदेश के जबलपुर से टैरो रीडर, ग्रैंड रेकी मास्टर, एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट और क्रिस्टल एक्सपर्ट स्नेहा चौहान ने अपनी रुचि को पेशे में बदलकर एक अलग पहचान बनाई है। स्कूल और कॉलेज के समय से ही इस क्षेत्र में रुचि रखने वाली स्नेहा ने कोविड काल के दौरान इसे गंभीरता से अपनाया और अब कई वर्षों के अनुभव के साथ लोगों को मानसिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन दे रही हैं।
स्नेहा चौहान बताती हैं कि टैरो रीडिंग का शौक उन्हें बचपन से था, जिसे उन्होंने वर्षों तक अभ्यास के रूप में जारी रखा। हालांकि नौकरी के चलते इस क्षेत्र को समय नहीं दे पा रही थीं, लेकिन 2020 में कोविड काल के दौरान उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। परिवार के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने इसे प्रोफेशनल रूप में अपनाया और अब पिछले कुछ वर्षों से लगातार लोगों की समस्याओं का समाधान करने में जुटी हैं। उनका मानना है कि टैरो कार्ड एक ऐसा माध्यम है, जो व्यक्ति के मन में चल रहे सवालों और उलझनों को समझने में मार्गदर्शन देता है।
उन्होंने बताया कि टैरो रीडिंग के साथ-साथ रेकी हीलिंग भी एक महत्वपूर्ण ऊर्जा आधारित प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति और ब्रह्मांड की ऊर्जा के बीच संतुलन स्थापित किया जाता है। रेकी के विभिन्न स्तर होते हैं, जिनके माध्यम से स्वयं की और दूसरों की हीलिंग की जा सकती है, यहां तक कि दूर बैठकर भी ऊर्जा भेजी जा सकती है। इसके अलावा क्रिस्टल हीलिंग में अलग-अलग क्रिस्टल की ऊर्जा का उपयोग कर व्यक्ति के जीवन में संतुलन लाने की कोशिश की जाती है। स्नेहा के अनुसार हर क्रिस्टल की अपनी विशेष ऊर्जा और प्रभाव होता है, जो व्यक्ति की स्थिति और जरूरत के अनुसार काम करता है।
स्नेहा का कहना है कि इन सभी हीलिंग प्रक्रियाओं का असर तभी होता है जब व्यक्ति का विश्वास और धैर्य बना रहे। नियमित सेशन्स और सही मार्गदर्शन से लोग मानसिक तनाव, रिश्तों की उलझनों और जीवन की कई समस्याओं से राहत पा सकते हैं। उनका मानना है कि आज के समय में जब लोग तनाव और असमंजस से घिरे रहते हैं, तब ऐसे आध्यात्मिक और ऊर्जा आधारित माध्यम उन्हें नई दिशा और सकारात्मक सोच देने में मदद कर सकते हैं।





