उत्तर प्रदेश के लखनऊ से संस्कृति इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक श्वेतांक प्रकाश चतुर्वेदी ने संघर्षों के बीच अपने सपनों को नई दिशा दी। फिजिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट श्वेतांक ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान गंभीर चोट के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी, जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा। लेकिन इसी कठिन दौर ने उन्हें मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री की ओर प्रेरित किया, जहाँ से उनकी नई यात्रा की शुरुआत हुई।
श्वेतांक प्रकाश चतुर्वेदी बताते हैं कि वर्ष 2016 में स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने प्रोफेशनल मॉडलिंग की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई शहर और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और जीत भी हासिल की। धीरे-धीरे उन्होंने विभिन्न ब्रांड्स के साथ काम किया, फैशन शो जज किए और आगे बढ़ते हुए कोरियोग्राफर तथा शो डायरेक्टर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनका मानना है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए सीखने की क्षमता और लगातार मेहनत बेहद जरूरी होती है।
वे कहते हैं कि फैशन और मॉडलिंग इंडस्ट्री को लेकर समाज में कई मिथक हैं, जिसके कारण कई लोग अपने बच्चों को इस क्षेत्र में आने से रोकते हैं। श्वेतांक के अनुसार इस इंडस्ट्री में भी अन्य क्षेत्रों की तरह अनुशासन, सीखने की इच्छा और निरंतरता बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार मेहनत करता रहे तो किसी भी क्षेत्र में सफलता संभव है, चाहे शुरुआत देर से ही क्यों न हुई हो।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के कई राज्यों में फैशन शो आयोजित और निर्देशित किए हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। बैंकॉक में उन्होंने इंडो-थाई फैशन शो में मॉडल्स को ट्रेनिंग दी। वे कहते हैं कि यह क्षेत्र धैर्य, समय और समर्पण मांगता है, लेकिन जो लोग निरंतर प्रयास करते रहते हैं, उनके लिए सफलता के द्वार जरूर खुलते हैं। इसके साथ ही वह एक फैशन कोरियोग्राफर भी हैं, साथ ही वह न्यू टैलेंट के लिए ग्रूमिंग क्लासेज भी देते हैं।





