मध्य प्रदेश के भोपाल से बीडीएस, एमडीएस ऑर्थोडॉन्टिक्स और डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ, प्रमाणित इनविसलाइन एलाइनर प्रदाता और लिंगुअल ऑर्थोडॉन्टिस्ट डॉ. कुणाल अग्रवाल, आज दंत चिकित्सकीय जगत में एक विश्वसनीय नाम बन चुके हैं। बचपन से अपने माता-पिता, जो दोनों डॉक्टर थे, को देखकर उनके भीतर चिकित्सा सेवा की प्रेरणा जगी। डॉक्टर बनने का सपना इतना गहरा था कि गणित विषय चुनने की सलाह के बावजूद भी उन्होंने 11वीं कक्षा में जीवविज्ञान लेकर अपने लक्ष्य की राह चुन ली। उत्कृष्ट रैंक के साथ उन्होंने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से बीडीएस और फिर बैंगलोर से ऑर्थोडॉन्टिक्स में एमडीएस पूरा किया। कई सर्टिफिकेशन और रिसर्च पब्लिकेशन्स के बाद उन्होंने भोपाल में अपना कॉन्फी डेंटल स्माइल क्लिनिक शुरू किया और साथ ही एक प्रतिष्ठित कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी योगदान दे रहे हैं।
डॉ. अग्रवाल का मानना है कि पिछले दो दशकों में दंत चिकित्सा तकनीकी रूप से अत्यंत विकसित हुई है। पहले जहां डेंटिस्ट्री केवल दांत निकालने या चांदी भरने तक ही सीमित थी, वहीं आज लोग अपने दांतों की सुंदरता, मुस्कान और स्वास्थ्य को लेकर अधिक जागरूक हो गए हैं। उनके क्लिनिक में 3D स्कैनिंग, डिजिटल एक्स-रे, लेज़र डेंटिस्ट्री और कंप्यूटर-गाइडेड अलाइनर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक तकनीकें उपयोग की जाती हैं। लोग अब कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, डिजिटल स्माइल डिज़ाइनिंग और इनविसलाइन जैसे ट्रीटमेंट चाहने लगे हैं, जिससे आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में बड़ा सुधार देखा जा रहा है। वे बताते हैं कि सही समय पर जांच न कराने से दांतों की सड़न और दर्द बढ़ता है—इसलिए नियमित ब्रशिंग, फ्लॉसिंग, माउथवॉश और कम शुगर सेवन बेहद जरूरी है।
समाज में बढ़ती मौखिक समस्याओं और युवाओं में धूम्रपान की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि तंबाकू और स्मोकिंग दांतों और फेफड़ों दोनों के लिए घातक हैं। वे आने वाले वर्षों में दंत स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूकता लाने और टियर-2 शहरों में आधुनिक डेंटल केयर को बढ़ावा देना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि लोग बिना झिझक मुस्कुराएं, आत्मविश्वास से बातचीत करें और अपने दांतों को जीवनभर स्वस्थ रखें। उनकी यह सोच और सेवाएं भोपाल जैसे शहर में दंत चिकित्सा को एक नई दिशा दे रही हैं।





