जापान के टोक्यो में काम कर रहे भोपाल के युवा सॉफ्टवेयर डेवलपर यश शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गुवहाटी से आईआईटी करने के बाद उनका टेक्नोलॉजी और कोडिंग के प्रति जुनून ही उन्हें विदेश तक ले आया। उन्होंने कॉलेज के समय से ही कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी विकसित की थी। ग्रेजुएशन पूरा होने से पहले ही उन्हें जापान की मशहूर फाइनेंस टेक कंपनी Money Forward ने इंटरव्यू के बाद चयनित कर लिया। यश पिछले चार वर्षों से इस कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में कार्यरत हैं और अपने तकनीकी कौशल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ा रहे हैं।
विदेश में काम करने का निर्णय यश के लिए आसान नहीं था। परिवार और देश को छोड़ना एक बड़ा फैसला था, लेकिन बेहतर अवसरों और तकनीक से जुड़ी उन्नत सुविधाओं ने उन्हें प्रेरित किया। टोक्यो में जीवन के बारे में बताते हुए यश कहते हैं कि शुरुआत में भाषा और खाने-पीने को लेकर चुनौतियाँ थीं, लेकिन समय के साथ वे जापानी संस्कृति में ढल गए। वे शाकाहारी होने के बावजूद खुद खाना बनाना सीख गए, जिससे उन्हें वहां की जीवनशैली के साथ तालमेल बिठाने में आसानी हुई। यश बताते हैं कि उनकी कंपनी का वर्क कल्चर काफी फ्लेक्सिबल है—सिर्फ हफ्ते में दो दिन ऑफिस जाना पड़ता है, जिससे काम और जीवन के बीच अच्छा संतुलन बना रहता है
यश के अनुसार जापान का जीवन बहुत अनुशासित और सुव्यवस्थित है। राष्ट्रीय छुट्टियाँ अधिक मिलती हैं और मनोरंजन, खेल तथा प्राकृतिक स्थानों तक पहुंच बेहद आसान है। वर्तमान में वे अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और जापानी लोगों की ईमानदारी व अनुशासन से प्रेरणा लेते हुए अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बना रहे हैं। उनका कहना है कि भारतीय युवा अगर दृढ़ निश्चय और मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो विदेशों में भी बेहतरीन करियर बनाया जा सकता है। टोक्यो में काम करने का उनका अनुभव बताता है कि अवसर हर जगह हैं—बस सही दिशा और जुनून की जरूरत है।





