इंदौर। इंदौर निवासी जूही राव की कहानी उन हज़ारों महिलाओं की आवाज़ है, जो वर्षों तक अपने परिवार, नौकरी और जिम्मेदारियों में खुद को पीछे छोड़ती आई हैं — लेकिन एक दिन अपने असली सपनों को आवाज़ देती हैं। शादी और बच्चों की परवरिश के बाद जब ज़िंदगी का रुटीन तय लगने लगा, तभी जूही ने खुद से पूछा: “क्या मैं अपने लिए कुछ कर सकती हूँ?” और इस सवाल ने उन्हें ब्यूटी पेजेंट्स, रैंप वॉक और मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़े होने तक पहुँचा दिया।
जूही की इस यात्रा की शुरुआत इंस्टाग्राम पर देखी गई प्रेरक पोस्ट्स से हुई। उन्होंने बेटी से सलाह ली, जिसने कहा — “मम्मा, आप कर सकती हो।” इस एक वाक्य ने जूही को उस दिशा में बढ़ाया, जहाँ उन्होंने ट्रेनिंग ली, अपनी सीमाओं को पार किया, और बिना हील्स के भी कॉन्फिडेंस से कैटवॉक किया। मिसेज इंडिया इंटरनेशनल बीवर 2024 का खिताब जीतना, और कई सब-टाइटल्स पाना इस बात का प्रमाण हैं कि साहस उम्र, लुक्स या शारीरिक सीमाओं का मोहताज नहीं होता।
जूही का मानना है कि मॉडलिंग सिर्फ रनवे पर चलना नहीं, बल्कि खुद को पहचानने, पुनर्स्थापित करने और समाज में एक नई प्रेरणा बनने की प्रक्रिया है। आने वाले समय में वे चाहती हैं कि और भी महिलाएं, जो कभी सपनों को स्थगित कर चुकी हैं, उनके साथ जुड़ें और कहें — “अब हमारी बारी है।” उनके शब्दों में — “मंच कोई भी हो, जब आप खुद पर विश्वास रखते हैं, तो दुनिया आपको पहचान ही लेती है।”





