नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। पहले शाह ने खरगे को पीएम मोदी के खिलाफ बयानबाजी करने को लेकर घेरा। वहीं अब खरगे ने पलटवार किया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक अखबार की रिपोर्ट को साझा करके अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को मणिपुर, सेंसस और जातिगत जनगणना जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘आपकी सरकार का ही सर्वे कहता है कि शहरी सीवरों, सेप्टिक टैंकों की सफाई करने वाले 92 फीसदी कर्मचारी एससी, एसटी, ओबीसी वर्गों से आते हैं।’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘भाजपा जातिगत जनगणना के विरोध में इसलिए है क्योंकि तब पता चल जाएगा कि एससी, एसटी, ओबीसी, ई़डब्ल्यूएस व सभी वर्ग कौन-कौन से कार्यों से अपना जीवन-यापन कर रहें हैं। उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है? उनको किस तरह की सरकारी योजनाओं का लक्षित लाभ मिलना चाहिए। कांग्रेस पार्टी जातिगत जनगणना करवाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। हम ये करवाकर ही रहेंगे।’
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाए बिना मरने वाला नहीं हूं’ बयान पर सियासी विवाद गहरा गया है। अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अरुचिकर और अपमानजनक व्यवहार करके खुद अपने नेताओं और अपनी पार्टी को पीछे छोड़ दिया है।
भाजपा नेता अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था, ‘कल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में अपमानजनक बातें कहकर खुद अपने नेताओं और अपनी पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। अपनी कटुता का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने बेवजह प्रधानमंत्री को अपने निजी स्वास्थ्य मामलों में यह कहकर घसीटा कि वह पीएम मोदी को सत्ता से हटाने के बाद ही मरेंगे।’
उन्होंने कहा था, ‘इससे पता चलता है कि कांग्रेस के लोगों को पीएम मोदी से कितनी नफरत और डर है कि वे लगातार उनके बारे में सोचते रहते हैं। जहा तक खरगे के स्वास्थ्य की बात है पीएम मोदी, मैं और हम सभी प्रार्थना करते हैं कि वे लंबे समय तक स्वस्थ रहें। वे कई वर्षों तक जीवित रहें और 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देखने के लिए जीवित रहें।





