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राहुल गांधी का AAP पर हमला, दिल्ली में किया सबसे बड़ा घोटाला

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नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। कई दिग्गज नेता वोट डाल चुके हैं। सभी ने मतदाताओं से लोकतंत्र के पर्व का हिस्सा बनने की अपील की है। इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोट देते समय यह याद रखना चाहिए दिल्ली के लोगों से स्वच्छ राजनीति की बात करते हुए किसने सबसे बड़ा घोटाला किया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी को वोट देने से लोगों के अधिकार सुरक्षित होंगे, संविधान मजबूत होगा और दिल्ली फिर से प्रगति के पथ पर अग्रसर होगी। कांग्रेस नेता ने सुबह नई दिल्ली विधानसभा सीट में निर्माण भवन मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

राहुल ने एक्स पर लिखा, ‘दिल्ली के मेरे प्यारे भाइयों-बहनों। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आज वोट देने अवश्य जाएं। कांग्रेस को दिया आपका एक-एक वोट आपके अधिकारों की रक्षा करेगा, संविधान को मजबूत करेगा और दिल्ली को प्रगति के पथ पर फिर से मोड़ेगा। वोट देते समय याद रखें कि प्रदूषित हवा, गंदा पानी, टूटी सड़कों के लिए कौन ज़िम्मेदार है। स्वच्छ राजनीति करने की बात बोलकर दिल्ली का सबसे बड़ा घोटाला किसने किया।’

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। आम आदमी पार्टी (आप) अपने शासन रिकॉर्ड और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, जबकि भाजपा और कांग्रेस को फिर से सत्ता में वापसी की आस है। 699 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में 13,766 मतदान केंद्रों पर मतदान चल रहा है। यह मुकाबला राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप दे सकता है।

उन्हें चुनें जिन्होंने असल में काम किया है
ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि लोगों को उन्हें चुनना चाहिए जिन्होंने दिल्ली के लिए असल में काम किया है, ना कि झूठे वादे करके ठगा है। खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेरी दिल्ली की सम्मानित जनता से अपील है कि अपना कीमती वोट जरूर डालें। आपका एक वोट दिल्ली में बदलाव का प्रतीक साबित होगा।

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चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।