भोपाल की Artist और Prayas Art Gallery की Founder माधवी शावरीकर ने कोरोना काल में अपनी हॉबी को नए सिरे से पहचान दी और इसी शौक को धीरे-धीरे प्रोफेशनल करियर में बदल दिया। वर्ष 2021 में उन्होंने अपने घर के गैरेज में पहली आर्ट एग्जीबिशन लगाई, जिसे लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद 2022 में MSME के माध्यम से मिंटो हॉल, भोपाल में एग्जीबिशन में हिस्सा लेकर उन्होंने अपनी कला की प्रोफेशनल जर्नी की शुरुआत की और 2024 में अपनी खुद की गैलरी खोली।
माधवी शावरीकर म्यूरल आर्ट, क्ले आर्ट, टेक्सचर आर्ट, होम डेकोर और फैशन एक्सेसरीज पर काम करती हैं। बदलते ट्रेंड के बीच वह खास तौर पर एथनिक और कस्टमाइज्ड होम डेकोर आइटम तैयार कर रही हैं। उनकी कला को बड़ी पहचान तब मिली जब मध्य प्रदेश डाक विभाग की ओर से उन्हें 760 मोमेंटो तैयार करने का ऑर्डर मिला, जिसे पूरा करने के लिए उनके पास सिर्फ सात दिन थे। परिवार के सहयोग के साथ उन्होंने इस चुनौती को पूरा किया और उनके बनाए मोमेंटो देशभर में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई VVIP लोगों को दिए गए।
कला के इस सफर में माधवी के लिए परिवार का सहयोग बेहद अहम रहा। पति, बच्चों और दोस्तों ने उन्हें गृहिणी की पहचान से आगे बढ़कर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी कला के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को संतुलित करने के लिए उन्होंने रोजाना सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक का समय अपने आर्ट वर्क के लिए तय किया। 2022 से शुरू हुई उनकी प्रोफेशनल यात्रा में उन्हें MAWE Shine Award, Star India Super Women Artist Category और नारी शक्ति सम्मान जैसे कई सम्मान मिले, जिन्हें वह आगे बेहतर काम करने की प्रेरणा मानती हैं।





