भोपाल के युवा आयुर्वेद छात्र और उद्यमी अंशुल सिंह ने पारंपरिक आयुर्वेद को आधुनिक स्किन केयर से जोड़ते हुए ‘तमसारा’ नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। नरसिंहपुर जिले की तेंदुखेड़ा तहसील से आने वाले अंशुल वर्तमान में भोपाल में बीएएमएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अध्ययन के दौरान उन्हें यह समझ आया कि त्वचा संबंधी समस्याएं केवल बाहरी नहीं, बल्कि शरीर के भीतर वात, पित्त और कफ जैसे दोषों के असंतुलन से जुड़ी होती हैं। इसी विचार से उन्होंने ‘तमसारा’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य शरीर के असंतुलन और नकारात्मक तत्वों को दूर कर प्राकृतिक संतुलन स्थापित करना है।
अंशुल सिंह के अनुसार इस स्टार्टअप की प्रेरणा उन्हें अपने वरिष्ठ छात्रों और परिवार से मिली। आयुर्वेद मेले में विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को अपने उत्पाद प्रस्तुत करते देख उन्होंने भी कुछ नया करने का संकल्प लिया। शुरुआत उन्होंने अपनी मां के लिए घर पर तैयार की गई एक आयुर्वेदिक क्रीम से की, जिसे बाद में सीमित स्तर पर ऑनलाइन लॉन्च किया गया। तकनीकी जानकारी होने के कारण उन्होंने स्वयं वेबसाइट और भुगतान प्रणाली तैयार की। वे सीमित मात्रा में उत्पाद बनाकर ऑर्डर के अनुसार ग्राहकों तक पहुंचाते हैं और पढ़ाई के साथ व्यवसाय को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल लक्षणों को दबाने की बजाय रोग के मूल कारण पर काम करता है और सही दिनचर्या अपनाने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। फिलहाल ‘तमसारा’ के तहत वे आयुर्वेदिक त्वचा देखभाल उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जिनमें प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक सूत्रों का उपयोग किया जाता है। उनका कहना है कि भविष्य में वे ‘तमसारा’ को एक बड़े आयुर्वेदिक ब्रांड, अस्पताल और शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना चाहते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक प्रमाणिक आयुर्वेदिक उपचार और उत्पाद पहुंचाए जा सकें।





