भोपाल की हस्तशिल्प उद्यमी शालिनी गर्ग पारंपरिक क्रोशिया कला को आधुनिक पहचान दिलाने में जुटी हैं। ‘निट्स एंड नॉट्स’ की संस्थापक शालिनी बताती हैं कि उन्हें क्रोशिया की प्रेरणा अपनी मां, बुआ और नानी से मिली। बचपन में घर की महिलाओं को एम्ब्रॉयडरी, पेंटिंग और क्रोशिया करते देख उनके भीतर इस कला के प्रति गहरा लगाव पैदा हुआ। वर्षों की निरंतर साधना और नए प्रयोगों ने उनके काम में रचनात्मकता और निपुणता जोड़ी, जिसके बाद उन्होंने इस पारंपरिक कला को आधुनिक डिजाइन और उपयोगिता से जोड़कर आगे बढ़ाया।
शालिनी गर्ग का मानना है कि क्रोशिया कला समाप्त नहीं हो रही, बल्कि नए रूप में फिर से लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने बताया कि कुछ शिक्षण संस्थानों और विशेष रूप से निफ्ट में इसे ‘स्ट्रेस बस्टर’ और रचनात्मक गतिविधि के रूप में शामिल किए जाने के बाद युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ी है। आज 20–25 वर्ष की युवा महिलाएं इसे स्टार्टअप और स्वरोजगार के रूप में अपना रही हैं। शालिनी स्वयं निफ्ट से जुड़कर कार्यशालाएं लेती हैं और हैंडलूम डे, क्राफ्ट बाजार तथा खादी उत्सव जैसे आयोजनों में भाग लेकर इस कला को व्यापक मंच प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि आज क्रोशिया उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर स्थायी और हस्तनिर्मित उपहारों की। क्रोशिया से बने बुके, सजावटी वस्तुएं और नवजात शिशुओं के लिए तैयार किए गए उत्पाद लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं। शालिनी कस्टमाइज्ड ऑर्डर पर काम करती हैं और उनके कई क्रोशिया बुके हजारों रुपये तक में बिक चुके हैं। उनका कहना है कि हस्तनिर्मित वस्तुओं में भावनाएं, समय और स्नेह जुड़ा होता है, यही कारण है कि लोग अब मशीन से बने उत्पादों की तुलना में हाथ से बने उपहारों को अधिक महत्व दे रहे हैं।





